dhumavatiaamnay

Relation of Shri Chakra with our mind

श्रीचक्र स्वरूपिणी भगवती धुमा का हमारें मस्तिष्क से सम्बन्ध भावोपनिषद के अनुसार, यह सम्पूर्ण विश्व ब्रम्हांड श्रीचक्र मण्डल का स्वरूप है। श्रीचक्र मण्डल के अंतर्गत ध्रुव मण्डल है । ध्रुव मण्डल के अंतर्गत 3 और मण्डल आतें हैं। जो क्रमशः ♦—- खंडकाल मण्डल ♦—- काल मण्डल ♦—-महाकाल मण्डल ब्रम्हांड में व्याप्त महाकाल मण्डल हमारे इस …

Relation of Shri Chakra with our mind Read More »

उल्टा स्वास्तिक बनाने से क्या होता है?

उल्टा स्वास्तिक बनाने से क्या होता है? किसी शुभकार्य में प्रायः लोग शुभता कि प्राप्ति के लिए अपने घर,मंदिर,प्रांगण अथवा कार्यस्थल में स्वास्तिक का निर्माण करते है लेकिन कहीं-कहीं यह देखने को मिलता है स्वास्तिक निर्माण के समय अज्ञानतावश स्वास्तिक रेखा के  निर्माण में कुछ त्रुटि कर दी जाती है या कहे उल्टा  Swastik  बना …

उल्टा स्वास्तिक बनाने से क्या होता है? Read More »

महाशक्ति बंगलामुखी एवं अथर्वा प्राणसूत्र का रहस्य

महाशक्ति बंगलामुखी एवं अथर्वा प्राणसूत्र का रहस्य

महाशक्ति बंगलामुखी  महाशक्ति बंगलामुखी – यह महारूद्र की शक्ति है। प्राणियों के शरीर में “अथर्वा” नाम का प्राणसूत्र विद्यमान  है। प्राणरूप होने से हम इसे सामान्य आखों से देख नहीं पाते हैं। अपरोक्ष रूप से जिस शक्ति से हमारा मन व्याकुल हो जाता है उसी का नाम अथर्वा है। इस शक्ति के सूत्र विज्ञान से …

महाशक्ति बंगलामुखी एवं अथर्वा प्राणसूत्र का रहस्य Read More »

अघोर तथा अघोरमंडल का रहस्य

अघोर तथा महाशमशान अघोर शब्द का अर्थ है असभ्य अथवा अभद्र आध्यात्मिक अर्थ यह है कि घोर मतलब संसार जो संसार से विरक्त रहे वही अघोर है। जीवन के प्रारम्भिक अवस्था में सभी मनुष्य अघोर ही रहते हैं। प्रत्येक घर में सूतक (मृत) कर्म में तेरह दिन तक शवपूजा होती है। प्रत्येक घर में मृत्यु …

अघोर तथा अघोरमंडल का रहस्य Read More »

मीन राशि का तांत्रिक एवं ज्योतिषीय महत्व

मीन राशि का परिचय खगोल एवं ज्योतिष विज्ञानं , के अनुसार “मीन राशि “ चक्र की बारह राशियों में से अंतिम राशि है। यह मछलियों और जलीय जीवों के आनंद और प्रत्यक्ष ज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह राशि चिरन्तर मुक्ति का प्रतीक है। ‘मत्स्य’ शब्द का सामन्यतः प्रयोग जलीय प्राणियों के लिए होता …

मीन राशि का तांत्रिक एवं ज्योतिषीय महत्व Read More »